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खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता विषय पर विशेषज्ञों का मंथन

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता  विषय पर विशेषज्ञों का मंथन पर्यावरणीय स्थिरता मानव समाज के निरन्तर अस्तित्व, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए मूलभूत शर्त है। हमारी न्यू जनरेशन को स्पीड और टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा ताकि भविष्य को सुनहरा बनाया जा सके। उक्त विचार मुख्य अतिथि श्री एमपी सिंह, प्रधान मुख्य अभियंता, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विद्युत मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली ने व्यक्त किए श्री सिंह भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भूविज्ञान विभाग द्वारा "खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन पर बोल रहे थे। दो दिवसीय राष्ट्रीय कान्फ्रेंस का भव्य समापन सम्मानित अतिथि प्रो विनोद अग्रवाल सदस्य, भारत सरकार नई दिल्ली स्थित MOEFCC की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति, (सि एण्ड टीपी) अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण स्थिरता सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में खनन उद्योग विभिन्न प्रावधानों एवं कानूनों के तहत कार्य कर रहा है ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। आयोजन सचिव डॉ. हेमंत सेन न...

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता विषय पर विशेषज्ञों का मंथन

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता  विषय पर विशेषज्ञों का मंथन

पर्यावरणीय स्थिरता मानव समाज के निरन्तर अस्तित्व, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए मूलभूत शर्त है। हमारी न्यू जनरेशन को स्पीड और टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा ताकि भविष्य को सुनहरा बनाया जा सके। उक्त विचार मुख्य अतिथि श्री एमपी सिंह, प्रधान मुख्य अभियंता, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विद्युत मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली ने व्यक्त किए श्री सिंह भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भूविज्ञान विभाग द्वारा "खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन पर बोल रहे थे।

दो दिवसीय राष्ट्रीय कान्फ्रेंस का भव्य समापन

सम्मानित अतिथि प्रो विनोद अग्रवाल सदस्य, भारत सरकार नई दिल्ली स्थित MOEFCC की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति, (सि एण्ड टीपी) अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण स्थिरता सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में खनन उद्योग विभिन्न प्रावधानों एवं कानूनों के तहत कार्य कर रहा है ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। आयोजन सचिव डॉ. हेमंत सेन ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कुल 33 शोध पत्र प्राप्त हुए हैं तथा उच्च गुणवत्ता वाले शोध निष्कर्ष तथा विषय विशेषज्ञ के ज्ञान एवं अनुभव के निचोड़ से प्राप्त परिणाम पर्यावरणीय स्थिरता के संदर्भ में नई दिशाएं, नए परिवर्तन और नए आयाम स्थापित करेंगे। इस अवसर पर संयुक्त आयोजन सचिव श्री करण सिंह ने सभी पधारे अतिथियों का स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया एवं श्री देवेंद्र सिंह ने तकनीकी सत्रों की जानकारी प्रदान की। कॉन्फ्रेंस के संदर्भ में श्री विनोद पांडे, श्री जाकिर हुसैन और डॉ. ए. के. शिष्ठ ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उच्च स्तरीय इस कॉन्फ्रेंस में डॉ. विनोद अग्रवाल एवं डॉ. हेमंत सेन ने एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी इन माइनिंग सेक्टर, श्री वि. के. पांडे ने यूस ऑफ मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क इन एनर्जी ट्रांजिशन, प्रो. सीमा जालान द्वारा सस्टेटिनिंग द अरावली: द डेफिनेशनल चैस इंप्लिकेशन ऐंड पोटेंशियल सॉल्यूशंस, एवं श्री सतीश कुमार श्रीमाली द्वारा स्टेट्री रिक्वायरमेंट्स फॉर द ग्रांट ऑफ एनवायरनमेंटल क्लियरेंस टू मेनटेन एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी इस माइनिंग असद मिनरल इंडस्ट्रीज विषय पर विस्तार से चर्चा की गयी। साथ ही के. वेंकटेश्वरलू, बी. सुडौलू, पी. रवि किरण ने सस्टेनेबल कॉल माइनिंग- द सिंगरेनी एप्रोच विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष प्रो. रेणू राठौड़ एवं कॉन्फ्रेंस निदेशक प्रो. रितु तोमर ने सभी विषय विशेषज्ञों एवं अतिथियो को स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

कॉन्फ्रेंस के मुख्य संरक्षक समानार्थ मानद कर्नल प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत, संरक्षक डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़, सह संरक्षक श्रीमान मोहब्बत सिंह राठौड़, प्रो. चेतन सिंह चौहान, डॉ. निरंजन नारायण सिंह राठौड़, डॉ. युवराज सिंह राठौड़ ने कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन हेतु अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। सभी संकाय अधिष्ठाता एवं सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहे। संचालन डॉ. तन्वी अग्रवाल द्वारा किया गया।

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