Skip to main content

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता विषय पर विशेषज्ञों का मंथन

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता  विषय पर विशेषज्ञों का मंथन पर्यावरणीय स्थिरता मानव समाज के निरन्तर अस्तित्व, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए मूलभूत शर्त है। हमारी न्यू जनरेशन को स्पीड और टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा ताकि भविष्य को सुनहरा बनाया जा सके। उक्त विचार मुख्य अतिथि श्री एमपी सिंह, प्रधान मुख्य अभियंता, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विद्युत मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली ने व्यक्त किए श्री सिंह भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भूविज्ञान विभाग द्वारा "खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन पर बोल रहे थे। दो दिवसीय राष्ट्रीय कान्फ्रेंस का भव्य समापन सम्मानित अतिथि प्रो विनोद अग्रवाल सदस्य, भारत सरकार नई दिल्ली स्थित MOEFCC की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति, (सि एण्ड टीपी) अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण स्थिरता सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में खनन उद्योग विभिन्न प्रावधानों एवं कानूनों के तहत कार्य कर रहा है ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। आयोजन सचिव डॉ. हेमंत सेन न...

कैसे होती है कृत्रिम वर्षा और यह क्यों है जरूरी

कैसे होती है कृत्रिम वर्षा और यह क्यों जरूरी है?

दिल्ली सरकार स्मॉग और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए अब क्लाउड सीडिंग यानि कृत्रिम बारिश पर विचार कर रही है। आइआइटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने इसके लिए एक खास प्रोजेक्ट तैयार किया है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इसका ट्रायल किया जाएगा। क्लाउड सीडिंग की सफलता हवा में नमी की मात्रा, बादलों की उपस्थिति और स्थानीय वायुमण्डलीय स्थितियों पर निर्भर करती है। अध्ययनों के अनुसार क्लाउड सीडिंग से बारिश कराने की सफलता लगभग 60 से 70 प्रतिशत मानी जाती है।

कृत्रिम वर्षा में रसायनों की मदद से बादलों से बारिश कराई जाती है। इसमें सिल्वर आयोडाइड, आयोडीन नमक और रॉक सॉल्ट जैसे पदार्थों के मिश्रण को विमान या ड्रोन के जरिए बादलों में छिड़का जाता है। इससे पानी की बूंदें बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और इससे बारिश हो जाती है।

कृत्रिम वर्षा मानव निर्मित होती है, जबकि स्वाभाविक वर्षा प्राकृतिक तत्वों पर निर्भर है। क्लाउड सीडिंग उन बादलों पर काम करती है, जिनमें बारिश की संभावना होती है, परन्तु प्राकृतिक परिस्थितियों के चलते वे बारिश नही कर पाते हैं, इसका मतलब यदि बारिश के लिए आवश्यक बादल और उनमें नमी होगी तभी कृत्रिम बारिश होगी अन्यथा नही होगी। इस बारिश के लिए निम्बोस्ट्रेटस बादल सबसे उपयुक्त माने जाते हैं, जो 500 से 6000 मीटर की ऊंचाई पर बनते हैं।

क्लाउड सीडिंग से भीषण बाढ़ का खतरा भी सम्भव है, यदि क्लाउड सीडिंग ऐसे समय की जाए जब बादलों में काफी मात्रा में नमी हो, तो इससे बादलों में वर्षा की प्रक्रिया और तेज हो जाती है, इससे बादल फटने की संभावना बन जाती है और वहां भीषण बाढ़ आ सकती है। ऐसा काफी जगह देखा भी गया है।

कृत्रिम वर्षा पर्यावरण के लिए भी खतरनाक हो सकती है क्योंकि इसका मुख्य घटक सिल्वर आयोडाइड है, जिसके प्रयोग से मिट्टी और जलस्रोतों में सिल्वर कणों की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे पौधे, जीव और इंसानों को नुकसान हो सकता है। साथ ही इससे प्राकृतिक वर्षा का चक्र भी प्रभावित हो सकता है, जो कही बाढ़ तो कही सूखा जैसी स्थितियां उत्पन्न कर सकता है। अभी तक 50 देशों में क्लाउड सीडिंग की जा चुकी है।

Source: Kamlesh Agrawal, Rajasthan Patrika

To follow our blog click here

For similar post click here


Our other websites

For Education

For Placements 

For Bhakti 

For Recipes 

Our Application



Our YouTube channels

Sacademy

Atharavpur


Keywords:

कृत्रिम वर्षा, कृत्रिम वर्षा कैसे कराई जाती है, कृत्रिम वर्षा कैसे करायी जाती है, कृत्रिम बारिश कैसे कराई जाती है ?, कृत्रिम बारिश किस तरह से करवाई जाती है, कृतिम बारिश, क्लाउड सीडिंग, क्लाउड सीडिंग भारत, क्लाउड सीडिंग तकनीक, क्लाउड सीडिंग हिंदी, क्लाउड सीडिंग इंडिया, क्लाउड सीडिंग ट्रायल, क्लाउड सीडिंग कोलोराडो, क्लाउड सीडिंग कैसे होती है, क्लाउड सीडिंग एक्सप्लेनर, दिल्ली में क्लाउड सीडिंग ट्रायल स्थगित, क्लाउड सीडिंग के जरिए करवाई artificial rain, क्लाउडसीडिंग, artificial rain, @artificial rain, uae artificial rain, artificial rain india, delhi artificial rain, artificial rain hindi, artificial rain making, artificial rain trials, cost of artificial rain, artificial rain clouds, artificial rain in dubai, artificial rain in delhi, artificial rain in india, artificial rain for india, how artificial rain is made, delhi artificial rain date, iit kanpur artificial rain, artificial rain technology, cloud seeding, cloud seeding ceo, cloud seeding rain, cloud seeding video, cloud seeding dubai, cloud seeding intro, cloud seeding pilot, cloud seeding china, cloud seeding india, is cloud seeding real, what is cloud seeding, cloud seeding kya hai, cloud seeding meaning, types of cloud seeding, cloud seeding process, cloud seeding effects, cloud seeding for rain, why do we cloud seeding, how cloud seeding works, cloud seeding bans 2025, cloud seeding research, cloud seeding explained

Comments

Popular posts from this blog

Real Analysis in Hindi | वास्तविक विश्लेषण | Mathematics | BSc

वास्तविक विश्लेषण (Real Analysis) वास्तविक विश्लेषण तथा अभिसरण सिद्धान्त (Real Analysis and Theory of Convergence) लेखक: डॉ. विमल सारस्वत, डॉ. अनिल कुमार मेनारिया, डॉ. गजेन्द्रपाल सिंह राठौड़ ISBN : 978-81-7906-935-6 Price: Rs. 250.00 प्रकाशक: हिमांशु पब्लिकेशन्स, हिरण मगरी उदयपुर; हिमांशु पब्लिकेशन् प्रकाश हाउस, अंसारी रोड, नई दिल्ली E-mail :  info@sacademy.co.in Phone:  +91 9664392614 To buy this book click on the link Real Analysis in Hindi by Saraswat This book includes the following topics  वास्तविक संख्या निकाय (Real Number System) परिचय (Introduction) क्षेत्र अभिगृहीत (Field axiom) अद्वितीयता गुणधर्म (Uniqueness property) योग तथा गुणन के निरसन नियम (Cancellation law of addition and multiplication) क्रम अभिगृहित तथा क्रमित क्षेत्र (Order axiom and ordered field) धनात्मक वर्ग (Positive class) परिबद्धता (Boundedness) उपरि परिबद्ध (Upper bound) उच्चक (Supremum) निम्न परिबद्ध (Lower bound) निम्नक...

MCT | MOS- controlled thyristor | Power electronics

MOS Controlled thyristor (MCT) It is basically a thyristor with two MOSFETs built into the gate structure. One MOSFET is used for turning on the MCT and the other for turning off the device. MCT is a high frequency, high power, low-conducting drop switching device. A practical MCT consists of thousands of these basic cells connected in parallel just like a power MOSFET. This is done to achieve a high current carrying capacity of the device. Basic structure of MCT The equivalent circuit of MCT consists of one on-FET, one off-FET and two transistors. The on-FET is a p-channel MOSFET and off-FET is an n-channel MOSFET. An arrow towards the gate terminal indicates n-channel MOSFET and the arrow away form the gate terminal is the p-channel MOSFET. The two transistor in the equivalent circuit represents that there is regenerative feedback in the MCT just same as in an ordinary thyristor. (a) Equivalent circuit of MCT and (b) Circuit symbol of ...

फर्मी डिराक सांख्यिकी | Fermi Dirac statistics in Hindi

फर्मी डिराक सांख्यिकी यह सांख्यिकी फर्मीऑन या फर्मी कणों पर आरोपित की जाती है, अर्थात् वे कण जो अविभेदित हों तथा जिनकी चक्रण क्वांटन संख्या अर्द्ध पूर्णांक हो। कण एक दूसरे से अविभेदित होते हैं। प्रत्येक कोश या उपस्तर में 0 या 1 कण हो सकता है, अर्थात्‌ g i,  >> n i निकाय में कुल कणों की संख्या सदैव नियत रहती है, n = Σn i  = नियत विभिन्न समूहों में स्थित सभी कणों की ऊर्जा का योग अर्थात् निकाय की कुल ऊर्जा सदैव नियत रहती है E = Σn i ε i  = नियत हम n स्वतंत्र समरूप कण, जिनका चक्रण अर्द्ध पूर्णांक है, पर विचार करते हैं। इन कणों को क्वांटम समूहों या स्तरों में इस प्रकार वितरित करना है कि ऊर्जा स्तर             ε 1,  ε 2,  ε 3, ... ε i  अपभ्रष्टता             g 1,  g 2,  g 3, ... g i  कणों की संख्या     n 1,  n 2,  n 3, ... n i  हम एक बक्से पर विचार करते है। इस बक्से में g i  भाग हैं, जिसमें n i  कणों ...