भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह महाराणा प्रताप स्टेशन रोड, सेवाश्रम सर्कल, उदयपुर। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय उदयपुर द्वारा वर्ष 2018 से 2024 तक की स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षा में उत्तीर्ण एवं विद्यावाचस्पति (Ph.D.) उपाधिधारियों के लिए दीक्षान्त समारोह 27 मार्च 2025 गुरूवार को प्रातः 10:30 बजे आयोजित करने का निश्चित हुआ है। दीक्षान्त समारोह में 2020 से 2025 तक की विद्यावाचस्पति की उपाधियों तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षाओं में वर्ष 2024 तक प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए जायेंगे। अतः जो उपाधिधारी उक्त समारोह में उपाधि प्राप्त करने के इच्छुक हों, वे समारोह में उपस्थित होने की लिखित सूचना के साथ स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम वरीयता प्राप्त छात्रों हेतु, पंजीकरण शुल्क ₹500 व उपाधि शुल्क ₹5000 (कुल ₹5500) एवं विद्यावाचस्पति (Ph.D.), शोधार्थी पंजीकरण शुल्क ₹500 व उपाधि शुल्क ₹5000 (कुल ₹5500) नकद अथवा डिमाण्ड ड्राफ्ट भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर के नाम बनाकर कुलसचिव, भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर को दिनांक 17.03.2025 तक ...
प्लांक विकिरण नियम
- यह बोस आइंसटिन सांख्यिकी का अनुप्रयोग है।
- क्वांटम सिद्धान्त के अनुसार विकिरित ऊर्जा सदैव ऊर्जा पैकेट के रूप में होती है।
- ये पैकेट क्वांटा या फाॅटोन कहलाते हैं।
- इन पैकेट की ऊर्जा hν होती है। यहां ν फॉटोन की आवृत्ति है।
- फाॅटोन अविभेदित कण है (m0 = 0), जिनकी चक्रण क्वांटम संख्या s = 1 (पूर्णांक) है।
- अतः फाॅटोन बोस कण हैं, इन पर बोस आइंसटिन सांख्यिकी आरोपित की जा सकती है।
- अब एक पात्र पर विचार करते हैं
- विकिरण पात्र की दीवारों के साथ ऊष्मीय साम्य में हैं।
- आवृत्ति परास ν तथा ν + dν में विकिरण का ऊर्जा घनत्व = uνdν
- संवेग आकाश में अल्प आयतन (h3/V) में कण अविभेदित होते हैं।
- अतः ये आइगन स्तरों को निरूपित करते हैं।
- किसी भी क्षण p तथा p + dp संवेग अन्तराल में स्थित सभी कण एक कोश में स्थित होंगे, जिसका आयतन होगा = 4πp2dp
- आइगन स्तरों की कुल संख्या
- समीकरण (1) तथा (2) से
- विकिरण के लिए ध्रुवण की दो स्वतंत्र दिशाएं होती हैं
- आवृत्ति परास ν तथा ν + dν में कुल आइगन स्तरों की संख्या
- g(ν)dν = 8πV(ν2/c3)dν ...(3)
- प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा
- ε = hν dε = h dν
- एकांक आयतन की ऊर्जा (ऊर्जा घनत्व)
- यह प्लांक विकिरण सूत्र या प्लांक नियम कहलाता है।
- यदि hν << kT हो, तो

- यह रैले-जीन का नियम कहलाता है।
- यदि hν >> kT हो, तो
- यह वीन का नियम कहलाता है।
- कुल ऊर्जा घनत्व
- यह स्टीफन-बोल्ट्मान नियम कहलाता है।
Comments
Post a Comment