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खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता विषय पर विशेषज्ञों का मंथन

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता  विषय पर विशेषज्ञों का मंथन पर्यावरणीय स्थिरता मानव समाज के निरन्तर अस्तित्व, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए मूलभूत शर्त है। हमारी न्यू जनरेशन को स्पीड और टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा ताकि भविष्य को सुनहरा बनाया जा सके। उक्त विचार मुख्य अतिथि श्री एमपी सिंह, प्रधान मुख्य अभियंता, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विद्युत मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली ने व्यक्त किए श्री सिंह भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भूविज्ञान विभाग द्वारा "खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन पर बोल रहे थे। दो दिवसीय राष्ट्रीय कान्फ्रेंस का भव्य समापन सम्मानित अतिथि प्रो विनोद अग्रवाल सदस्य, भारत सरकार नई दिल्ली स्थित MOEFCC की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति, (सि एण्ड टीपी) अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण स्थिरता सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में खनन उद्योग विभिन्न प्रावधानों एवं कानूनों के तहत कार्य कर रहा है ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। आयोजन सचिव डॉ. हेमंत सेन न...

सेबिन सूत्र | Sabine formula in Hindi | Oscillations and Waves

सेबिन सूत्र

अनुरणन काल

  • किसी ध्वनि स्रोत के बन्द कर देने के पश्चात् भी कुछ समय तक हमें ध्वनि की अनुभूति होती है, इसे अनुरणन कहते हैं।
  • ध्वनि स्रोत के बन्द करने के पश्चात् जितने समय तक हमें ध्वनि की अनुभूति होती है, वह समय अनुरणन काल कहलाता है।

मान्यताएं

  • हाॅल के सभी भागों में ऊर्जा का वितरण समान है।
  • हाॅल में ध्वनि तरंग का कोई व्यतिकरण नहीं होता है।
  • अवशोषण गुणांक का मान ध्वनि की तीव्रता पर निर्भर नहीं करता है।
  • वायु में ऊर्जा की कोई हानि नहीं होती है।

सूत्र की स्थापना

  • सभी दिशाओं में हॉल के भीतर औसत ऊर्जा घनत्व = u
  • प्रारम्भिक आयतन dV द्वारा ग्रहण ऊर्जा = u dV

  • अब हम समतल दीवार के पृष्ठ क्षेत्रफल के  ds   भाग पर विचार करते हैं।
  • माना  ds   के केन्द्र से  r   दूरी पर  ds  के अभिलम्ब  θ  दिशा में प्रारम्भिक आयतन  dV   है।
  • प्रारम्भिक आयतन  dV   पर पृष्ठ क्षेत्रफल  ds   द्वारा बनाया गया घन कोण  dω = ds cos θ / r2
  • छायांकित प्रारम्भिक भाग का क्षेत्रफल  = dr × r dθ
  • यदि सम्पूर्ण चित्र को अभिलम्ब के परितः  2π  कोण से घुमा दिया जाए तो इस भाग द्वारा तय किया गया प्रारम्भिक आयतन
                dV = प्रारम्भिक क्षेत्रफल × परिधीय पथ
                      = dr . rdθ × 2πr sin θ
                      = 2πr2 sin θ dr dθ
  • dV आयतन में ध्वनि ऊर्जा
                u dV = u × 2πr2 sin θ dr dθ
  • इस ऊर्जा का  ds  क्षेत्रफल पर आपतित भाग

  • θ  के सभी मानों के लिए दोनों अर्द्धगोलों के मध्य स्थित कोश के कारण  ds  द्वारा ग्रहण की गई ऊर्जा

  • ds  क्षेत्रफल द्वारा प्रति सेकण्ड ग्रहण की गई ऊर्जा
                    
  • यहां  v =  वायु में ध्वनि का वेग।
  • यदि  ds  का अवशोषण गुणांक  a  हो, तो
  • ds  क्षेत्रफल द्वारा प्रति सेकण्ड ग्रहण की गई ऊर्जा
                          
  • हॉल द्वारा प्रति सेकण्ड अवशोषित कुल ऊर्जा
                  
  • आवरण के भीतर स्थित सभी सतहों का कुल अवशोषण,  A = Σ a ds
  • हॉल द्वारा प्रति सेकण्ड अवशोषित कुल ऊर्जा  = uvA/4
  • चूंकि  V  आवरण का आयतन है, इसलिए
  • किसी समय कमरे में कुल ध्वनि ऊर्जा  = uV
  • इस ऊर्जा वृद्धि की दर
                
  • ऊर्जा अवशोषण की दर
                
  • स्रोत द्वारा उत्सर्जित ऊर्जा की दर  = E

ध्वनि में वृद्धि

  • जब स्रोत से ध्वनि प्रारम्भ होती है, तो  t = 0, u = 0

  • जब  t = ∞  हो, तो  u = umax     ⇒     umax = 4E / vA
  • u = umax [1 - exp (-βt)]

ध्वनि का क्षय

  • जब ध्वनि स्रोत को बन्द कर दिया जाता है, तो  t = 0, u = umax, E = 0


अनुरणन काल (T)

  • u = umax [1 - exp (-βt)]
  • यदि t = T, u = 10-6 umax

  • परन्तु  v = 340 m/s
                
  • उपरोक्त सूत्र  सेबिन सूत्र  कहलाता है।
सेबिन सूत्र की अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://youtu.be/_hCdZV7R5R8

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