Skip to main content

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता विषय पर विशेषज्ञों का मंथन

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता  विषय पर विशेषज्ञों का मंथन पर्यावरणीय स्थिरता मानव समाज के निरन्तर अस्तित्व, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए मूलभूत शर्त है। हमारी न्यू जनरेशन को स्पीड और टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा ताकि भविष्य को सुनहरा बनाया जा सके। उक्त विचार मुख्य अतिथि श्री एमपी सिंह, प्रधान मुख्य अभियंता, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विद्युत मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली ने व्यक्त किए श्री सिंह भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भूविज्ञान विभाग द्वारा "खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन पर बोल रहे थे। दो दिवसीय राष्ट्रीय कान्फ्रेंस का भव्य समापन सम्मानित अतिथि प्रो विनोद अग्रवाल सदस्य, भारत सरकार नई दिल्ली स्थित MOEFCC की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति, (सि एण्ड टीपी) अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण स्थिरता सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में खनन उद्योग विभिन्न प्रावधानों एवं कानूनों के तहत कार्य कर रहा है ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। आयोजन सचिव डॉ. हेमंत सेन न...

हार्मोनल परिवर्तन के कारण कम उम्र में लड़कियों में हो रहा शारीरिक परिवर्तन

हार्मोनल परिवर्तन के कारण कम उम्र में लड़कियों में हो रहा शारीरिक परिवर्तन

प्रदुषण और जंक फूड घटा रहा मुश्किल भरे दिन की उम्र

लड़कियों में समय से पहले हार्मोनल चेंज के मामले बढ़ रहे हैं। शारीरिक बदलाव के लिए औसत उम्र 13 से 14 साल मानी जाती है, अब 8 से 11-12 साल में वजन बढ़ने जैसी समस्या आ रही है। कम उम्र में मुश्किल भरे दिनों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो समस्या प्रदुषण और जंक फूड के अत्यधिक सेवन से बढ़ रही है। शरीर में हार्मोनल परिवर्तन, किसी प्रकार की सिस्ट और ट्यूमर जैसे कारण सामने आ रहे हैं।

इनके लिए मुख्य कारण निम्न हैं-

  • लड़कियों में हार्मोनल परिवर्तन से पीरियड जल्दी आते हैं।
  • आनुवंशिक समस्या इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है।
  • तनाव से भी हार्मोनल परिवर्तन होते हैं।
  • आयरन तथा विटामिन-डी जैसे पोषण तत्वों की कमी भी हार्मोनल परिवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं।
  • प्रदुषण के सम्पर्क में रहने पर भी ये समस्या होती है।
  • शरीर में कही भी सिस्ट या ट्यूमर होने पर भी ये सम्भव है।

अगर 8 साल से 12 साल की उम्र के बीच किसी बालिका के शरीर में तेजी से परिवर्तन हो तो मुश्किल भरे दिनों के कारण का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक से सम्पर्क करके जांच करानी चाहिए।


Source: Rajasthan Patrika

To follow our blog click here

For similar post click here


Our other websites

For Education

For Placements 

For Bhakti 

For Recipes 

Our Application



Our YouTube channels

Sacademy

Atharavpur


Keywords:

किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन,कम उम्र में बाल सफेद होने का कारण, यौवनारम्भ के समय लड़कियों में परिवर्तन, कम उम्र में क्यों सफेद होते है बाल, यौवनारम्भ के समय लड़कों में परिवर्तन, यौवनावस्था में लड़कियों में परिवर्तन, यौवनावस्था में लड़कों और लड़कियों में होने वाले परिवर्तन, यौवनावस्था में लड़कों में परिवर्तन, यौवनारंभ के समय लड़कियों में कौन सा परिवर्तन दिखाई देता है, यौवनारंभ के समय लड़कियों में कौन से परिवर्तन दिखाई देते हैं, लड़कियों में किशोरावस्था के लक्षण, changes during puberty, physical changes in girls during puberty, hormonal changes, what changes comes in female after marriage, puberty in girls, hormonal changes after marriage, hormonal changes during puberty in females, girls body changes, body changes after marriage for a girl, after marriage changes in female body, changes in girls, hormonal imbalance, hormonal changes in women, body changes after marriage, hormonal changes in teenagers, puberty changes in girls



Comments

Popular posts from this blog

अपभ्रष्टता | Degeneracy in Hindi

 अपभ्रष्टता वे सभी ऊर्जा स्तर जिनके आइगन मान समान हों, परन्तु आइगन फलन भिन्न हों, अपभ्रष्ट ऊर्जा स्तर कहलाते हैं। ऊर्जा स्तरों का यह गुण अपभ्रष्टता कहलाता है। अपभ्रष्टता का मुख्य कारण ऊर्जा स्तरों के आइगन फलनों का भिन्न—भिन्न होना है। समान ऊर्जाओं वाले ऊर्जा स्तर के आइगन फलन के भिन्न—भिन्न होने का मुख्य कारण उनकी क्वांटम संख्याओं का भिन्न—भिन्न होना है। ये भिन्न—भिन्न क्वांटम संख्याएं समान ऊर्जाओं वाले अलग—अलग तरंग फलनों को दर्शाती हैं। समान ऊर्जा वाले भिन्न—भिन्न तरंग फलनों या आइगन फलनों की संख्या उसकी अपभ्रष्टता की कोटि कहलाती है।

Calculus in Hindi | कलन | Mathematics | BSc

कलन (Calculus) अवकलन, समाकलन तथा अवकल समीकरण (Differential Calculus, Integral Calculus and Differential Equation) लेखक: डॉ. विमल सारस्वत, डॉ. अनिल कुमार मेनारिया, डॉ. चन्द्रपाल सिंह चौहान  ISBN : 978-81-7906-933-2  Price: Rs. 295.00 प्रकाशक: हिमांशु पब्लिकेशन्स, हिरण मगरी उदयपुर; हिमांशु पब्लिकेशन् प्रकाश हाउस, अंसारी रोड, नई दिल्ली E-mail :  info@sacademy.co.in Phone: +91 9664392614 To buy this book click on Calculus in Hindi by Saraswat This book includes the following topics  पदिक समीकरण एवं चाप की लम्बाई के अवकलज (Pedal Equations and Derivative of the Length of an Arc) ध्रुवीय निर्देशांक (Polar co-ordinates) कार्तीय एवं ध्रुवीय निर्देशांकों में सम्बन्ध (Relation between cartesian and polar co-ordinates) त्रिज्य सदिश एवं स्पर्श रेखा के मध्य कोण (Angle between radius vector and tangent) दो ध्रुवीय वक्रों का प्रतिच्छेन कोण (Angle of intersection of two polar curves) ध्रुवीय स्पर्शी, अधःस्पर्शी, लम्ब एवं अधोलम्ब तथा उनकी लम्बाई...

Advanced Calculus | Mathematics | BSc

Advanced Calculus Advanced Differential Calculus, Integral Calculus and Vector Calculus Authors: Dr. Vimal Saraswat, Dr. Anil Kumar Menaria ISBN : 978-81-7906-950-9 Price: Rs. 375.00 Publisher: Himanshu Publications, Hiran Magri Udaipur; Himanshu Publications Prakash House, Ansari Road, New Delhi E-mail :  info@sacademy.co.in Phone:  +91 9664392614 To buy this book click on the link Advanced Calculus by Saraswat This book includes the following topics  Continuity Introduction Limit Left and right limit To find the R.H.L. and L.H.L. of a function Existence of limit)/li> Distinction between the value and limit of a function Some theorems based on limits Methods of finding the limit of functions Some standard limits Cauchy’s definition of continuity Continuity from left and right Continuity of a function in an interval Continuity in the open interval); Continuity in the closed in...