Skip to main content

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता विषय पर विशेषज्ञों का मंथन

खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता  विषय पर विशेषज्ञों का मंथन पर्यावरणीय स्थिरता मानव समाज के निरन्तर अस्तित्व, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए मूलभूत शर्त है। हमारी न्यू जनरेशन को स्पीड और टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा ताकि भविष्य को सुनहरा बनाया जा सके। उक्त विचार मुख्य अतिथि श्री एमपी सिंह, प्रधान मुख्य अभियंता, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विद्युत मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली ने व्यक्त किए श्री सिंह भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भूविज्ञान विभाग द्वारा "खनन और खनिज उद्योगों में पर्यावरणीय स्थिरता" विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन पर बोल रहे थे। दो दिवसीय राष्ट्रीय कान्फ्रेंस का भव्य समापन सम्मानित अतिथि प्रो विनोद अग्रवाल सदस्य, भारत सरकार नई दिल्ली स्थित MOEFCC की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति, (सि एण्ड टीपी) अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण स्थिरता सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में खनन उद्योग विभिन्न प्रावधानों एवं कानूनों के तहत कार्य कर रहा है ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। आयोजन सचिव डॉ. हेमंत सेन न...

भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन

प्रबंधन संकाय, विज्ञान संकाय एवं वाणिज्य संकाय के संयुक्त तत्वाधान में 08 व 09 जनवरी, 2024 को अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन।


भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय की संगठन इकाई भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रबंधन संकाय-स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, विज्ञान संकाय एवं वाणिज्य संकाय के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 08 व 09 जनवरी, 2024 को "Sustainable Development In Information technology and Management" विषय पर दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है इसमें 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे जिसमें से 20 फ़ीसदी विदेश के शोध पत्र होंगे। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन प्रो. कर्नल शिवसिंह सारंगदेवोत, अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ तथा कुल सचिव श्रीमान मोहब्बत सिंह राठौड़ के अनुसार विस्तृत स्तर पर आयोजित यह कॉन्फ्रेंस अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण है तथा यह सभी विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को एक वैश्विक मंच उपलब्ध करवाएगी जिससे सभी को अपने लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी होगी साथ ही वह अपनी क्षमता और काम का सही निर्धारण कर पाएंगे। इस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य पर्यावरणीय सीमाओं के भीतर रहकर मजबूत स्वस्थ और न्यायपूर्ण समाज सहित सुशासन को बढ़ावा देना तथा सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में इनफार्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग करना है। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में सम्मानित मुख्य अतिथियों के रूप में गोविंद गुरु ट्राइबल यूनिवर्सिटी बांसवाड़ा के वाइस चांसलर प्रो.के.एस. ठाकुर, वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी से वाइस चांसलर प्रो. कैलाश सोडानी एवं श्री गोविंद गुरु यूनिवर्सिटी गोदारा से वाइस चांसलर प्रो. प्रताप सिंह चौहान की गरिमामय  उपस्थित रहेगी। चीफ एडवाइजर एवं अधिष्ठाता विज्ञान संकाय डॉ. रेणू राठौड़ तथा चीफ एडवाइजर एवं वाणिज्य संकाय अधिष्ठाता डॉ.राजेंद्र सिंह शक्तावत एवं चीफ एडवाइजर एवं निदेशक स्कूल आफ मैनेजमेंट स्टडीज डॉ. रजनी अरोड़ा, चीफ एडवाइजर एवं कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक चपलोत ने विस्तृत जानकारी सांझा करते हुए बताया कि यह कॉन्फ्रेंस ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों मोड पर होगी तथा साथ ही दो दिवसीय इस कांफ्रेंस में देश-विदेश के ख्यातनाम विषय विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे जिसमें की- रिसोर्स पर्सन के रूप में यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड यूएसए से प्रो. दिनेश के शर्मा, जय नारायण यूनिवर्सिटी से कृष्ण अवतार गोयल, किंग अब्दुल्लाह यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी सऊदी अरब से डॉ. जगदीश चंद्र व्यास और अमित्य यूनिवर्सिटी ऑफ हायर एजुकेशन मॉरीशस से प्रो. आशीष गडकर, सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ हिमाचल प्रदेश धर्मशाला से प्रो.संदीप गुप्ता, सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ हरियाणा से प्रो.सुनील कुमार गुप्ता, मरियम अबाचा अमेरिकन यूनिवर्सिटी आफ नाइजीरिया से प्रो. मोहम्मद इसरार, कॉलेज ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंशियल स्टडीज मस्कट से प्रो.आनंद एस, यूनि ग्लोबल कॉलेज यूनिवर्सिटी काठमांडू से प्रो.राधेश्याम प्रधान, लॉजिकल एनालिसिस प्रा. लिमिटेड कैनबरा ऑस्ट्रेलिया से प्रो. मूरेवुड्स एवं नॉनटिंघम ट्रेड यूनिवर्सिटी मस्कट  से सीनियर लेक्चरर डॉ. तमन्ना अब्दुल रहमान दलवाई, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता से प्रो. राम प्रहलाद चौधरी भी उपस्थित होंगे। यह जानकारी आयोजन सचिव डॉ. खातून आफताब कत्थावाला, डॉ. शुभी धाकड़ एवं समन्वयक डॉ. प्रियंका शक्तावत, डॉ. सुतिष्ण सिंह राणावत ने प्रदान की। 

For more information click here or here or call on +91 8949881079, +91 9982825378
 
To follow our blog click here

For similar vacancies click here


Our other websites

For Education

For Placements 

For Bhakti 

For Recipes 


Our YouTube channels

Sacademy

Atharavpur


Keywords:

international conference, conference udaipur, conference, udaipur, 9th international conference, 13th international conference, international conference 2023, international conference on csr, conference 2024, udaipur railway station redevelopment, confrence, bn university udaipur, udaipur rajasthan, railway infrastructure in india, best university in india,conference2019

Comments

Popular posts from this blog

Real Analysis in Hindi | वास्तविक विश्लेषण | Mathematics | BSc

वास्तविक विश्लेषण (Real Analysis) वास्तविक विश्लेषण तथा अभिसरण सिद्धान्त (Real Analysis and Theory of Convergence) लेखक: डॉ. विमल सारस्वत, डॉ. अनिल कुमार मेनारिया, डॉ. गजेन्द्रपाल सिंह राठौड़ ISBN : 978-81-7906-935-6 Price: Rs. 250.00 प्रकाशक: हिमांशु पब्लिकेशन्स, हिरण मगरी उदयपुर; हिमांशु पब्लिकेशन् प्रकाश हाउस, अंसारी रोड, नई दिल्ली E-mail :  info@sacademy.co.in Phone:  +91 9664392614 To buy this book click on the link Real Analysis in Hindi by Saraswat This book includes the following topics  वास्तविक संख्या निकाय (Real Number System) परिचय (Introduction) क्षेत्र अभिगृहीत (Field axiom) अद्वितीयता गुणधर्म (Uniqueness property) योग तथा गुणन के निरसन नियम (Cancellation law of addition and multiplication) क्रम अभिगृहित तथा क्रमित क्षेत्र (Order axiom and ordered field) धनात्मक वर्ग (Positive class) परिबद्धता (Boundedness) उपरि परिबद्ध (Upper bound) उच्चक (Supremum) निम्न परिबद्ध (Lower bound) निम्नक...

Gamma ray microscope method | Quantum mechanics | Physical basis of quantum mechanics

Proof of uncertainty principle Gamma ray microscope method (Thought experiment) Let electron whose position (x) and momentum (p) is to be determined is initially at P From diffraction theory, the limit of resolution of microscope               Δx = λ / 2 sin θ Δx = Distance between two points upto which they can be seen separately. Δx = Maximum uncertainty in position of electron Since the wavelength of 𝛾-ray is small, so we choose it because it decreases Δx Let at least one 𝛾-ray photon be scattered by the electron into the microscope so that the electron is visible. In this process the frequency and wavelength of the scattered photon is changed and the electron suffers a Compton recoil by gaining the momentum. If λ = wavelength of the scattered photon, then the momentum of the scattered photon, p = h / λ Since the scattered photon can be scattered in any direction from PA to PB, so the x-compone...

फर्मेट का चरम पथ का सिद्धान्त | Fermat's principle of extremum path in Hindi

फर्मेट का चरम पथ का सिद्धान्त फर्मेट के न्यूनतम समय के सिद्धान्त के अनुसार जब कोई प्रकाश किरण कई परावर्तनों तथा अपवर्तनों के द्वारा माध्यमों के समूहों या समुच्चयों में से होती हुई एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक पहुंचती है, तो वह उस पथ का चयन करती है, जिसमें लगा समय न्यूनतम हो। कुछ परिस्थितियों में यह पाया गया है कि इसमें लगा समय न्यूनतम के स्थान पर अधिकतम होता है। इसलिए न्यूनतम समय के सिद्धान्त को सन्शोधित करके इसे फर्मेट का स्थिर समय का सिद्धान्त या फर्मेट का चरम पथ का सिद्धान्त नाम दिया गया। फर्मेट के चरम पथ के सिद्धान्त के अनुसार जब कोई प्रकाश किरण अनेक परावर्तनों तथा अपवर्तनों के द्वारा माध्यमों के समूहों या समुच्चयों में से होती हुई एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक पहुंचती है, तो वह उस पथ का चयन करती है, जिसमें लगा समय या तो न्यूनतम हो या अधिकतम हो। इस सिद्धान्त के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें   https://youtu.be/5sgWtcDFdGU